ठाणे जिले के डोंबिवली के MIDC क्षेत्र में चल रहे नाले और सीवर निर्माण कार्य को घटिया गुणवत्ता का बताकर शिकायत वापस लेने के बदले 15 लाख रुपये का हफ्ता मांगने वाले चार सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ताओं को कल्याण अपराध शाखा पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इनके पास से पांच मोबाइल, दो कार, नकदी मिलाकर कुल 21 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।
आरोपियों के नाम दीपेश गौतम लोखंडे (39) (निवासी- ओमकार अपार्टमेन्ट, घनसोली, नवी मुंबई), राहुल सुधाकर मुकादम (30) ( निवासी- मुकादम निवास, रिलायन्स पेट्रोल पम्प के पीछे, कोनगांव, भिवंडी), विशाल गंगाराम जानकर (31), (निवासी- ओम निवास, प्लॉट-1, सेक्टर- 5, करंजाले, पनवेल), और नरेश राजेंद्र सूर्यवंशी (29) (निवासी- समता नगर, गणपति तालाब के बगल, सेक्टर-1, रबाले, नवी मुंबई) हैं।
डोंबिवली (पूर्व) स्थित MIDC क्षेत्र में नाले और सीवर निर्माण का ठेका मेसर्स अजवानी मेटकॉम जॉइंट वेंचर कंपनी को दिया गया है। RTI कार्यकर्ताओं ने MIDC के कार्यकारी अभियंता के पास लिखित शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है और बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जा रही है।
शिकायत करने के बाद आरोपियों ने संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया और कहा कि यदि वे शिकायत वापस चाहते हैं तो उन्हें 15 लाख रुपये देने होंगे। कंपनी के सुपरवाइजर ने इसकी जानकारी कल्याण क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर अजीत शिंदे को दी, जिसके बाद कल्याण क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाया। डोंबिवली (पूर्व) के के. वी. पेंढारकर कॉलेज इलाके स्थित एक बर्गर कैफे में 15 लाख रुपये की रकम स्वीकार करते समय पुलिस ने दीपेश लोखंडे, राहुल मुकादम, विशाल जानकर और नरेश सूर्यवंशी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
चारों आरोपियों के खिलाफ रंगदारी वसूली का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उन्होंने पहले भी इसी तरीके से अन्य लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली की थी।
आरोपियों को कल्याण की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
